दृष्टि एवं उद्देश्य
परियोजना का उद्देश्य जलवायु-स्मार्ट कृषि तकनीकों, सामाजिक अभियांत्रिकी तथा क्षमता निर्माण प्रक्रियाओं के माध्यम से ग्रामीण सीमांत किसानों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं, की अनुकूलन क्षमता को सुदृढ़ करना है।
लक्षित समूह
- सीमांत एवं गरीब ग्रामीण किसान।
- कृषि, बागवानी एवं सिंचाई क्षेत्रों के क्षेत्रीय नीति एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन अधिकारी।
- ग्रामीण महिलाएँ एवं संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधि।
योजना सहायता
- क्रियान्वयन हेतु ग्रामीण समुदायों की सहायता के लिए क्षेत्रवार अनुकूलन रणनीतियों की पहचान।
अनुसंधान एवं ज्ञान विकास
- कृषि, जल-सिंचाई, फसल विविधीकरण एवं आजीविका प्रथाओं के संदर्भ में, पारंपरिक योजना प्रक्रिया से भिन्न, समुदाय स्तर पर जोखिम के संपर्क (exposure), संवेदनशीलता (sensitivity) तथा अनुकूलन क्षमता (adaptive capacity) के आधार पर भेद्यता का आकलन करना।
- किसानों द्वारा अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करना।
- हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को प्रदर्शित करने हेतु GIS-आधारित सूचना प्रणाली का विकास करना।
- जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता को सक्षम बनाने हेतु एक रूपरेखा का निर्माण करना।
प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण
- जलवायु-स्मार्ट दृष्टिकोणों पर प्रशिक्षण मॉड्यूल का विकास करना।
- जलवायु-लचीली कृषि / बागवानी पर लक्षित किसानों का प्रशिक्षण / अभिमुखीकरण करना।
- समय-समय पर लक्षित किसानों को प्रसार सेवाएँ एवं निरंतर मार्गदर्शन सहायता प्रदान करना।
- जलवायु परिवर्तनशीलता के अनुकूल विभिन्न कृषि प्रबंधन पद्धतियों का प्रदर्शन करना।
- परियोजना से प्राप्त शिक्षण के प्रसार हेतु कार्यशालाओं का आयोजन करना।